ज्योतिष में हीरा

हीरा कम से कम १० सेन्ट का पहनना चाहिये इससे अधिक वजन का धारण करना और भो उत्तम है। इस रत्न को चाँदी को करके अपने इष्टदेव का स्मरण करें तथा इष्टदेव के चरणस्पर्श कर धारण करना विशेष प्रभावशाली होता है ।

ज्योतिष में हीरा

ज्योतिष में हीरा

ज्योतिष में हीरा

शुक्र ग्रह के कुपित होने से व्यक्ति को श्लोष्मिक पाण्ड, कामशक्ति दौर्बल्य, मूत्रकृच्छ तथा गप्त यौन रोग उत्पन्न हो सकते है। शुक्र ग्रह कारक रोगों से ग्रसित व्यक्ति को हीरा धारण करना चाहिये।

हीरे के धारण से लाभ

हीरा शुक्रग्रह का रत्न होता है। जो लोग हीरे को धारण करते हैं उनके चेहरे पर हर समय खिली हुई मुस्कान रहती है, झंझलाहट और परेशानी उनके निकट नहीं आती। जीवन को दिनचर्या व्यवस्थित रहती है। इसके धारण करने से दाम्पत्य जीवन सरस हो जाता है। शरीर के अनेक रोगों पर भी हीरे की पकड है। जो लोग शरीर से कमजोर हैं, उनके लिये औषधि का काम करता है। इसके धारण से शरीर में शान्ति आती है। मानसिक दुर्बलता समाप्त होती है। नवीन चेतना का संचार होता है। प्रभाव में वद्धि होती है। जीवन में जो विशेषतायें होनी चाहिये अनायास मनुष्य में आने लगती हैं।

धारण विधि

हीरा कम से कम १० सेन्ट का पहनना चाहिये इससे अधिक वजन का धारण करना और भो उत्तम है। इस रत्न को चाँदी को करके अपने इष्टदेव का स्मरण करें तथा इष्टदेव के चरणस्पर्श कर धारण करना विशेष प्रभावशाली होता है ।

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