राजयंत्र विशेष

गुरु दशाफल विचार
गुरु दशाफल विचार

जिस किसी की कुण्डली में गुरु यदि अपनी उच्च राशि में स्थित हो, तो उसकी दशा के समय मनुष्य के भाग्य की अभिवृद्धि होती है।

न करने योग्य शारीरिक चेष्टाएँ
न करने योग्य शारीरिक चेष्टाएँ

दोनों हाथों से अपना सिर नहीं खुजलाना चाहिये। दाँतों से नाखून, रोम अथवा केश नहीं चबाना चाहिये। पैर से कभी पैर न धोये। सिर के बाल पकड़कर खींचना और सिरपर प्रहार करना वर्जित है।