ज्योतिष

सूर्य ग्रह शान्ति के घरेलू टोटके
शुभ-अशुभ ग्रह की पहचान
भाव के अनुसार रोग एवं दुर्घटना विचार
वक्री, मार्गी नीच और शत्रु क्षेत्री ग्रह की दशा अन्तर्दशा फल
वक्री, मार्गी नीच और शत्रु क्षेत्री ग्रह की दशा अन्तर्दशा फल
RAJKUMAR JAIN 4/5/2020

नीच और शत्रु ग्रह की दशा में परेदश में निवास, वियोग, शत्रुओं से हानि, व्यापार से हानि, दुराग्रह, रोग, विवाद और नाना प्रकार की विपत्तियाँ आती हैं। यदि ये ग्रह सौम्य ग्रहों से युत या दृष्ट हों तो बुरा फल कुछ न्यून रूप में मिलता है।

राजयंत्र विशेष

वक्री, मार्गी नीच और शत्रु क्षेत्री ग्रह की दशा अन्तर्दशा फल
वक्री, मार्गी नीच और शत्रु क्षेत्री ग्रह की दशा अन्तर्दशा फल

नीच और शत्रु ग्रह की दशा में परेदश में निवास, वियोग, शत्रुओं से हानि, व्यापार से हानि, दुराग्रह, रोग, विवाद और नाना प्रकार की विपत्तियाँ आती हैं। यदि ये ग्रह सौम्य ग्रहों से युत या दृष्ट हों तो बुरा फल कुछ न्यून रूप में मिलता है।

शिक्षा व्यवसाय योग
शिक्षा व्यवसाय योग

चन्द्र, गुरु और लग्न शनि से दृष्टि हो, नवम में गुरु हो और कोई राजयोग भी हो तो विशिष्ट विद्वान बनता है।