द्वितीय भाव और धन योग

द्वितीयेश शभग्रह हो या द्वितीय भाव में शुभग्रह की राशि और उसमें शुभग्रह बैठा हो तथा शभग्रहों की द्वितीय भाव पर दृष्टि हो तो व्यक्ति, धनी होता है।

द्वितीय भाव और धन योग

द्वितीय भाव और धन योग

द्वितीय भाव विचार

द्वितीयेश शभग्रह हो या द्वितीय भाव में शुभग्रह की राशि और उसमें शुभग्रह बैठा हो तथा शभग्रहों की द्वितीय भाव पर दृष्टि हो तो व्यक्ति, धनी होता है।

कुछ धनी योग :

१. भाग्येश और लाभेश का योग
२. भाग्येश और दशमेश का योग
३. भाग्येश और चतुर्थेश का योग
४. भाग्येश और पंचमेश का योग
५. भाग्येश और लग्नेश का योग
६. भाग्येश और धनेश का योग
७. दशमेश और लाभेश का योग
८. दशमेश और चतुर्थेश का योग
९. दशमेश और लग्नेश का योग
१०. दशमेश और पंचमेश का योग
११. दशमेश और द्वितीयेश का योग
१२. लाभेश और धनेश का योग
१३. लाभेश और चतुर्थेश का योग
१४. लाभेश और लग्नेश का योग
१५. लाभेश और पंचमेश का योग
१६. लग्नेश और धनेश का योग
१७. लग्नेश और चतर्थेश का योग
१८. लग्नेश और पंचमेश का योग
१९. धनेश और चतुर्थेश का योग
२०. धनेश और पंचमेश का योग
२१. चतुर्थेश और पंचमेश का योग।

उपर्युक्त २१ योगवाले ग्रह २।४।५।७ भावों में हों तो पूर्ण फल, ८।१२ भावों में आधा फल, छठे भाव में चतुर्थांश फल एवं अन्य स्थानों में निष्फल बताये गये हैं।

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