टमाटर से रोग निवारण

टमाटर से चर्मरोग, ज्वर, नेत्र-रोग, अजीर्ण, मुंह का छाला, खुजली, मसूड़े से खून गिरना, बच्चों का सूखा रोग, मधुमेह, राजयक्ष्मा Tuberculosis (TB),चेहरे पर काले दाग, नाभि टलना,दस्त व संग्रहणी, नाखूनी बवासीर, सिर की फोड़ा-फुन्सी, सिर के बालों की रूसी, हल्लास का जादुई इलाज

टमाटर से रोग निवारण

टमाटर से रोग निवारण

टमाटर से रोग निवारण

चर्मरोग - रक्त-दोष के कारण जब त्वचा पर लाल चकत्ते उभरे हों, मुंह पर सूजन हो, दाँतों से खून निकलता हो, तथा स्कर्वी रोग हो गया हो तो इन दशाओं में लाल, पके व रसीले टमाटरों का कच्चा रस बड़ा लाभ करता है।

ज्वर - टमाटर का कच्चा रस सेवन करने से ज्वर की तृषा शान्त होती है, तथा ज्वर भी कम हो जाता है।

नेत्र-रोग - नेत्र-रोग शरीर में विटामिन ए की कमी हो जाने के कारण होते हैं। टमाटर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए होता है। अतः नेत्र-रोगी को टमाटर के सेवन से लाभ होता है।

अजीर्ण - टमाटर को आग पर रखकर सेकें। फिर उसमें सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर खावें तो अजीर्ण दूर हो।

मुंह का छाला - टमाटर के रस को पानी में मिलाकर पतला करके उससे कुल्ला करें और टमाटर प्रचुर मात्रा में खायें, छाले ठीक हो जायेंगे।

खुजली - टमाटर के १ तोला रस में दो तोला नारियल का रस मिलाकर मालिश करें तथा अच्छे लाल टमाटर का मधुर रस प्रातःकाल व सायंकाल २ तोले की मात्रा से पीयें भी। रस को थोड़े गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से जल्दी लाभ होता है।

मसूड़े से खून गिरना - टमाटर का रस ढाई तोला से ५ तोला तक दिन में तीन बार सुबह, दोपहर और शाम को पीने से मसूढ़ों से खून गिरना बंद हो जाता है।

बच्चों का सूखा रोग - एक छोटे चम्मच के बराबर टमाटर का ताजा रस दिन में २-३ बार पिलाते रहने से बच्चों का सूखा रोग ठीक हो जाता है, साथ ही वे नीरोग व बलवान भी बनते हैं।

मधुमेह- टमाटर का रस व टमाटर की तरकारी का अधिक सेवन करने से मधुमेह के रोगी के रक्त की शुद्धि होकर मूत्र में चीनी की मात्रा कम हो जाती है। इससे खून भी अधिक बनता है।

राजयक्ष्मा Tuberculosis (TB) - टमाटर के ८ तोले रस में सवा तोला कॉड लिवर आयल मिलाकर भोजन के बाद पिलाते रहने से कुछ सप्ताहों में ही रोग से छुटकारा मिल जाता है।

चेहरे पर काले दाग - १ टमाटर से एक चौड़ा टुकड़ा काटकर चेहरे के काले दागों पर रखकर रोज बाँधते रहने से वे शीघ्र ही मिट जाते हैं।

नाभि टलना-इसको धरण का टलना भी कहते हैं। एक टमाटर के २ भाग करके उनके दोनों टुकड़ों के बीच का गूदा निकालकर रिक्त कर दें और उनमें भुना सुहागा ९ रत्ती भरकर और आग पर गरम कर चूसने से टली नाभि अपनी जगह पर आ जाती है।

दस्त व संग्रहणी - टमाटर के फल को बीच से चीर कर उसमें कुटज चूर्ण १ माशा भरकर और आग पर तपा कर ठंढा करके खाने से दस्त व संग्रहणी में लाभ होता है।

हृदय की धड़कन बढ़ने पर - दो ताजे टमाटरों का रस निकालें और उसमें अर्जुन छाल का १ माशा चूर्ण मिलावें और रोगी को पिलावें तो उसके हृदय की बढ़ी हुई धड़कन शान्त हो।

नाखूनी बवासीर - आध पाव टमाटर के रस में भूना हुआ जीरा, सोंठ, कालानमक चूर्ण ३-३ माशा मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें, या फल को चीरकर और उसमें सेंधा नमक डालकर खायें, खुनी बवासीर ठीक हो जायगी।

सिर की फोड़ा-फुन्सी - टमाटर के रस में कपूर और नारियल का तेल फेंट कर लगाने से सिर की फोड़ा-फुन्सी में लाभ होता है।

सिर के बालों की रूसी - टमाटर के रस में चीनी मिलाकर सिर को मलने से सिर के बालों की रूसी साफ हो जाती है।

हल्लास पर-टमाटर का रस १ भाग, चीनी का शर्बत ४ भाग एक में मिला और उसमें थोड़ा लौंग व कालीमिर्च का चूर्ण डालकर सेवन करने से इस रोग में शीघ्र लाभ होता है व जी मचलना उल्टी व प्यास, सबकी शान्ति हो जाती है।

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