मंगल ग्रह शान्ति के घरेलू टोटके

मंगल निर्बल होने पर रक्तविकार, उच्च रक्तचाप, रक्तस्त्राव व कुष्ठ, फोड़े-फुन्सी, चोट, सूजन वात एवं पित्त विकार, महामारी से ग्रसित होने की स्थिति, दुर्घटनायें एवं दुर्घटनाओं से उत्पन्न रोग, गुप्त रोग, अग्निदाह, आदि में वृद्धि होती है। हनुमान की उपासना करते हुए प्राणयाम करने से मंगल ग्रह सुधरता है।

मंगल ग्रह शान्ति के घरेलू टोटके

मंगल ग्रह शान्ति के घरेलू टोटके

मंगल ग्रह शांति के अचूक उपाय

यह अग्नितत्त्व से निर्मित छोटे कद वाला ग्रह है। यह कपाल, कान, स्नायु, पुट्ठे, शारीरिक शक्ति, धैर्य, पित्त, दाह, शोध, क्रोध, मानसिक तनाव आदि को प्रभावित करता है। इसके निर्बल होने पर रक्तविकार, उच्च रक्तचाप, रक्तस्त्राव व कुष्ठ, रक्तविकार से उत्पन्न फोड़े-फुन्सी, चोट, सूजन वात एवं पित्त विकार, महामारी से ग्रसित होने की स्थिति, दुर्घटनायें एवं दुर्घटनाओं से उत्पन्न रोग, गुप्त रोग, अग्निदाह, आदि में वृद्धि होती है।

मंगल ग्रह शान्ति के घरेलू टोटके

१. साधु या फकीर से बचें।
२. ससुराल से प्राप्त कुत्ता न पालें।
३. बिना मूल्य दिये कोई वस्तु न लें।
४. बृहस्पति से सम्बन्धित वस्तुएँ दान करें।
५. शुक्र से सम्बन्धित वस्तुओं को भूमि में सवा हाथ अन्दर दबायें।
६. सगों का ध्यान रखें।
७. भाई का अपमान न करें।
८. चन्द्रमा की वस्तुएँ दान दें।
९. वृद्ध औरतों का सम्मान करें।
१०. कुओं-प्याऊँ का निर्माण करायें।
११. जिद न करें।
१२. अय्याशी से बचें।
१३. हाथी दाँत की वस्तुओं का प्रयोग करें।
१४. चाँदी की अंगूठी में चन्द्रमा का रत्न पहनें।
१५. बरगद की जड़ में दूध चढ़ायें। इसकी गीली मिट्टी को उठाकर बदन पर लेप करें।
१६. घर या दूकान की छत पर चीनी की बिना धुली खाली बोरियाँ रखें।
१७. मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर श्मशान में दबायें।
१८. मृगछाला पर सोयें।
१९. चाँदी का पत्र सिरहाने रखें।
२०. दक्षिणी द्वार बन्द कर दें।
२१. ढाक के वृक्ष का कोई अंश घर में न लायें।
२२. काले रंग एवं निःसन्तान पुरुष-स्त्री से दूर रहें।
२३. बृहस्पति, सूर्य एवं चन्द्रमा की वस्तुओं को घर में स्थापित करें।
२४. चिड़ियों को मीठा खिलायें।
२५. सिरहाने पानी रखकर सोयें।
२६. परस्त्री गमन न करें।
२७. दूध का दान करें।
२८. शनि का अनुष्ठान करें।
२९. १४ से १६ वर्ष की कन्याओं की पूजा करें।
३०. सन्तान प्राप्ति हेतु बुध एवं चन्द्रमा का अनुष्ठान करें।
३१. नारियों का सम्मान करें।
३२. दूध, चावल, चाँदी आदि कन्याओं को दान में दें।
३३. जन्मदिन का उत्सव न मनायें।
३४. गणेश की उपासना करें।
३५. हनुमान की उपासना करते हुए प्राणयाम करें।
३६. बहन को मीठा भेंट में दें।
३७. घर की युवा विधवा को मीठा खिलायें। उनसे मृदु व्यवहार रखें।
३८. ठोस चाँदी घर में रखें।
३९. रोटी सेंकने वाले तवे पर गर्म होने के बाद ठंडे पानी का छींटा मारें।
४०. मीठी रोटी कुत्तों को खिलायें।
४१. भाभी को प्रसन्न रखें।
४२. बुध की वस्तुएँ कुएँ में अर्पित करें।
४३. शुक्र की वस्तुएँ भूमि में गाड़ें।
४४. पैत्रिक सम्पत्ति न बेचें।
४५. हिरण पालें।
४६. सोना न बेचें।
४७. मंगल की वस्तुओं से परहेज करें।
४८. खाकी टोपी पहनें।
४९. बताशे दान में दें।
५०. सिर पर चोटी रखें।

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