ज्योतिष में गोमेद रत्न

गोमेद राहू ग्रह का कारक रत्न है । दैत्य ग्रह राहू के कुपित होने पर प्रभावी व्यक्ति को मानसिक एवं उदर सम्बन्धी रोग उत्पन्न हो सकते हैं। प्रभावी व्यक्ति को गोमेद रत्न धारण करने से राहग्रह कारक रोगों से मुक्ति मिल सकती है।

ज्योतिष में गोमेद रत्न

ज्योतिष में गोमेद रत्न


ज्योतिष में गोमेद रत्न

गोमेद राहु ग्रह का कारक रत्न है । दैत्य ग्रह राहू के कुपित होने पर प्रभावी व्यक्ति को मानसिक एवं उदर सम्बन्धी रोग उत्पन्न हो सकते हैं। प्रभावी व्यक्ति को गोमेद रत्न धारण करने से राहग्रह कारक रोगों से मुक्ति मिल सकती है। राहग्रह प्रकोप से मानसिक तनाव बढ़ता है। कार्यकुशलता समाप्त हो जाती है। छोटी-छोटी बातों पर निर्णय लेने के बजाय क्रोध आता है। योजना असफल होती है। मानसिक उड़ानों में व्यक्ति भ्रमण करता है । उसे गोमेद धारण करना चाहिये। जिन बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता हो। स्थी रोग से पीड़ित हो, व्यक्ति का मन छटपटाता है या मन में चंचलता है, आत्मज्ञान की चाह है तो गोमेद धारण करने से सभी कठिनाईयां दूर हो जायेंगी। कार्यों में रुकावट हो रही हो, गोमेद लाभकारी होता है।

धारण विधि: गोमेद कम से कम सात रत्तो चांदी या पंचधातु की अंगूठी में जड़वाना चाहिये । गोमेद कुम्भ और मकर राशि को शनि की साढ़े सात में हितकर होती है। वैसे इन रत्नों को पहनने के लिये राशि का भी विचार नहीं किया जाता। बुधवार या शनिवार के दिन अपने पूजा ग्रह में पूजा करें, अंगठी को धारण कर लें। इस रत्न को पहनने के लिये किसी भी राशि का विचार नहीं किया जाता है।

You are Viewing This Page of site https://rajyantra.com

Social Share

You might also like!