काला कछुआ एवं फेंगशुई

कछुए की आत्मा दीर्घायु, सहन शक्ति, संघर्ष व निरंतरता का प्रतिनिधित्व करती है। जिस घर में कछुआ होता है, उस घर में परिवार सुखी व संतुष्ट रहता है।

काला कछुआ एवं फेंगशुई

काला कछुआ एवं फेंगशुई

काला कछुआ

फेंगशुई में कछुआ को अत्यंत शुभ माना गया है। जिस घर में कछुआ रहता है, वहां धन बरसता है। वास्तु शास्त्र में भी इसकी उपयोगिता को वैज्ञानिक तरीके से बताया गया है कि यह मानव के लिए कितना महत्वपूर्ण है। यही कारण है विभिन्न देशों की सरकारों ने कछुए के व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन हम यहां काला कछुआ की बात करेंगे, जो घर की सुरक्षा के लिए अच्छी फेंगशुई के रूप में जाना जाता है।

फेंगशुई में कछुए को शुभ माना जाता है। इसे घर में रखने से कामयाबी के साथ धन-दौलत और खुशहाली भी आती है। इसे अपने ऑफिस या मकान की उत्तर दिखा में रखें। याद रहे कछुए को जब भी रखें तो उसका चेहरा अंदर की ओर होना चाहिए तभी दिशा शुभ होगी। इसे कभी जोड़े में न रखें।

फेंगशुई के अनुसार काला कछुआ जल, उत्तर दिशा और शीतकाल का प्रतीक है। यहां काला कछुआ (मूर्ति, चित्रादि) रखने से घर में जल का अभाव नहीं होता है और शीतकाल में यह वातावरण को ऊर्जित करके रखता है।

कछुए की आत्मा दीर्घायु, सहन शक्ति, संघर्ष व निरंतरता का प्रतिनिधित्व करती है। जिस घर में कछुआ होता है, उस घर में परिवार सुखी व संतुष्ट रहता है। अतः जीवन में बेहतर सफलता व स्वास्थ्य के लिए घर में काला कछुआ रखें। इसे अपने कार्य करने की मेज पर अथवा बैठक के पीछे लगाएं। यह व्यक्ति को ठोस सहारा देता है।

ड्रेगन मुंह वाला कछुआ सौभाग्य का प्रतीक है। अत: इसे शयनकक्ष में न रखें। इसको बैठक हॉल में रखें। अगर यह पूर्व या उत्तर दिशा में रखा जाए तो बहुत ही बेहतर है।

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