कछुआ और वास्तु दोष का निवारण

कछुआ एक प्रभावशाली यंत्र है, जिससे वास्तु दोष का निवारण होता है और खुशहाली आती है। वास्तु तथा फेंगशुई में स्फटिक निर्मित कछुआ घर में रखना ज्यादा असरकारी माना जाता है।

कछुआ और वास्तु दोष का निवारण

कछुआ और वास्तु दोष का निवारण

देवालय में हमें कई देवताओं की मूर्ति के सामने स्थापित पत्थर या धातु से बने एक कछुआ की एक मूर्ति दिखती है । ऐसे मंदिर में देवता के दर्षन का अधिकतम लाभ लेने के लिए हमें इस तरह खड़ा होना चाहिए की देवता की मूर्ति और कछुआ की मूर्ति एक काल्पनिक रेखा में हो दोनों के बीच कभी भी खड़े न हों एक बैठें । कछुआ वास्तु में और फेंगषुई में दोनों में अपना महत्व रखता है । भारतीय मंदिरों में शिवलिंग के सामने जमीन पर कछुआ मूर्ति देखी जा सकती है । कछुआ की दीर्ध आयु होती है इसलिए इसे वास्तु में लंबे जीवन को दर्शाता है।

सनातन हिन्दू धर्म में कछुए को भगवान विष्णु का अवतार माना गया है। भगवान विष्णु के दस अवतारों में से कछुआ उनका दूसरा अवतार था। इसी लिए कछुआ को बेहद शुभ माना जाता है। कछुए को फेंगशुई में धनलाभ, स्वास्थ्य लाभ, परिवार में सुख-समृद्धि और दीर्घायु का प्रतीक माना गया है। इसे घर में रखने से परिवार में सकारात्मक ऊर्जा आती है और शारीरिक रोगों एवं विकारों से मुक्ति मिलती है। जिन लोगों को जी तोड़ मेहनत करने के बावजूद भी सफलता नहीं मिल पाती, उनके लिए भी कछुआ ख़ासा लाभदायक है।

कछुआ के प्रकार

1. स्फटिक का कछुआ

व्यर्थ की भागदौड़ और अनावश्यक प्रयासों से बचाते हुए यह जीवन की सार्थकता के साथ-साथ सुरक्षा भी देता है। कछुआ एक प्रभावशाली यंत्र है, जिससे वास्तु दोष का निवारण होता है और खुशहाली आती है। वास्तु तथा फेंगशुई में स्फटिक निर्मित कछुआ घर में रखना ज्यादा असरकारी माना जाता है। इसे घर में रखने से कामयाबी के साथ-साथ धन-दौलत का भी समावेश होता है। अगर आप काफी समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और कई उपाय करने के बाद भी आपको कोई विकल्प नहीं मिल रहा है तो आप घर में स्फटिक से बना हुआ कछुआ रख सकते हैं। इसे घर की उत्तर दिशा में रखें और मुंह अंदर की तरफ रहे। यदि आप व्यवसायी हैं, तो अपने प्रतिष्ठान की उत्तर दिशा में स्फटिक का कछुआ रखें। ऐसा करने से व्यापार में धन लाभ और सफलता मिलती है, रुके हुए काम जल्दी होने लगते हैं।

2. धातु का कछुआ

धातु का कछुआ पीतल, चांदी, तांबा या अष्ट धातु से बना हुआ घर या व्यवसायिक स्थल पर लगाना शुभ माना गया है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और वास्तुदोष भी दूर होता है। घर में धातु का कछुआ रखने से, कई समस्याओं के समाधान में मदद मिलती है।

कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी अगर आपको कैरियर में सफलता नहीं मिल रही है तो आपको अपने घर की उत्तर दिशा में धातु से बना हुआ कछुआ रखना चाहिए। इस दिशा में धातु का कछुआ रखने से घर का वातावरण सकारात्मक रहता है, परिवार के सदस्यों का मूड भी अच्छा रहता है।

घर के मुख्य द्वार पर कछुए का चित्र लगाने से परिवार में शांति बनी रहती है। यह क्लेश और नकारात्मक चीजों को घर से दूर करता है। अक्सर घर का कोई सदस्य लगातार बीमार रहता है और दवा आदि लेने पर भी सेहत में सुधार नहीं होता, तो घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में कछुए का चित्र लगाएं। इससे घर में बीमारियां नहीं आती व घर पर बुरी नजर का असर नहीं होता। कछुआ नजर दोष भी खत्म करता है।

3. मिट्टी से बना कछुआ

कछुआ अगर मिट्टी का बना हुआ है, तो उसे उत्तर-पूर्व दिशा, मध्य या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए। ऐसा करने से यह सर्वोत्तम परिणाम देता है। कछुआ घर में रखने से जीवन में ऊर्जा का प्रवाह एक समान होने से स्थिरता बनी रहती है और जीवन में उतार-चढ़ाव कम आते हैं। इसे घर में रखने से जीवन में शांति, सद्भाव, दीर्घायु और पैसा आता है।

4. पीठ पर बच्चे वाला कछुआ

कछुए को घर में 'गुड लक' के लिए रखा जाता है। लेकिन एक खास प्रकार की मादा कछुआ, जिसकी पीठ पर बच्चे कछुए भी हों, यह प्रजनन का प्रतीक होता है। जिस घर में संतान ना हो या जो दंपत्ति संतान सुख से वंचित हो, उन्हें इस प्रकार का कछुआ अपने घर में रखना लाभकारी परिणाम दे सकता है।

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